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रियल एस्टेट, REIT और InvIT

बिना घर ख़रीदे प्रॉपर्टी की मालकियत — रियल एस्टेट को नए नज़रिए से देखें।

रियल एस्टेट ने भारतीयों की सबसे ज़्यादा पूँजी बनाई है — और सबसे ज़्यादा फँसाई भी है। REIT और InvIT आपको आमदनी देती रियल एस्टेट और इन्फ़्रास्ट्रक्चर के छोटे हिस्से दिलाते हैं, जो शेयर की तरह ट्रेड होते हैं।

🏠सीधी प्रॉपर्टी — फायदे और नुक़सान

जिस घर में आप रहते हैं वो घर है, निवेश नहीं। किराये पर दी प्रॉपर्टी निवेश है, पर सिरदर्द भी।

  • रेंटल यील्ड — भारत में रिहायशी प्रॉपर्टी पर सिर्फ़ 2–3% सालाना (टैक्स से पहले)।
  • छिपे खर्च — स्टाम्प ड्यूटी 5–7%, रखरखाव, खाली पड़े महीने, मरम्मत — सब यील्ड खा जाते हैं।
  • बेचना मुश्किल — बेचने में 6–18 महीने और 1–2% दलाली लगती है।

🏬REIT — डीमैट में रियल एस्टेट

REIT कमर्शियल प्रॉपर्टी (ऑफ़िस, मॉल) रखती है। आप NSE/BSE पर यूनिट ख़रीदते हैं, हर तिमाही किराये की आमदनी पाते हैं।

  • शुरुआत — ₹300–500 प्रति यूनिट। न काग़ज़, न किरायेदार, न नल-पाइप।
  • रिटर्न — 6–8% डिस्ट्रिब्यूशन यील्ड + पूँजी की बढ़त। भारतीय REIT: Embassy, Mindspace, Brookfield, Nexus।
  • नियम — SEBI के अनुसार ≥80% पूर्ण, आमदनी देती प्रॉपर्टी में; ≥90% आमदनी वितरित।

🛣️InvIT — इन्फ़्रास्ट्रक्चर के लिए

REIT जैसी ही संरचना, पर सड़कों, बिजली लाइनों, गैस पाइपलाइनों के लिए। ज़्यादा यील्ड (8–10%), पर टैरिफ़ और नियमों पर ज़्यादा निर्भर।

जोखिम व 5-वर्ष रिटर्न

ये कैसे तुलना करते हैं

इस विषय में चर्चित साधनों के लिए संकेतक 5-वर्षीय CAGR (2020–2025) और सामान्य जोखिम।

साधन5 वर्ष CAGRजोखिम
REITs (भारतीय)
किराया + क़ीमत। ब्याज दर के प्रति संवेदनशील।
7–9%
मध्यम
InvITs (भारतीय)
यील्ड + टोल/टैरिफ़ जोखिम। नियामक-संवेदनशील।
7–10%
मध्यम
आवासीय रियल एस्टेट
कम तरल। ऊँची लेनदेन लागत। स्थान पर निर्भर।
5–7%
मध्यम

पिछला रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं है।

पूरी तुलना पोर्टफोलियो पर देखें →

और गहराई से

रियल एस्टेट, REIT और InvIT — भारत में संपूर्ण गाइड

सीधी प्रॉपर्टी, REIT और InvIT की तुलना: यील्ड, कर, तरलता, और पोर्टफोलियो में जगह।

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छोटे प्रो टिप्स

  • 🧮
    यील्ड को FD से तौलें अगर REIT की यील्ड 6.5% और FD की 7% है, तो REIT तभी बेहतर जब पूँजी की बढ़त की उम्मीद भी हो।
  • 🏗️
    80% पूँजी एक फ़्लैट में मत डालें एक ही प्रॉपर्टी में पूरी पूँजी — भारतीय परिवारों की सबसे बड़ी ग़लती।
🌟 रियल एस्टेट पोर्टफोलियो में होना चाहिए, पर ज़रूरी नहीं कि फ़्लैट के रूप में। REIT और InvIT आपको प्रॉपर्टी के झंझट के बिना उसकी मालकियत देते हैं।